विज्ञान की कुछ महत्वपूर्ण परिभाषाये

 मूलक-तत्वों के ऐसे समूह जो यौगिको में रासायनिक तत्व सा ब्यवहार करते है मूलक कहलाते हैं।मुलक कार्बनिक व अकार्बनिक दोनों तरह के हो सकते हैं।

आयन-तत्वों का ऐसा समूह जिनपर धनावेश व ऋणावेश दोनों समान मात्रा में होते हैं आयन कहलाते है।जिनमे इलेक्ट्रॉनों की संख्या अधिक होती है प्रोटानो की अपेछा उसे ऋणायन व जिनमे प्रोटानो की संख्या इलेक्ट्रॉनों की अपेछा अधिक होती है उसे धनायन कहते है।

पायस-द्रव में यदि द्रव मिला हो तो उस विलयन को पायस कहते है अर्थात पायस में द्रव ही परिक्षिप्त प्रवस्था व परिक्षेपण माध्यम दोनों होता है।

 विभवांतर-दो बिन्दुवों के बीच का विभवान्तर के परिमाण का मापन एक बिंदु से एकांक आवेश दूसरे बिंदु तक ले जाने वाले कार्य से करते हैं अर्थात-

विभवांतर(V)=W/Q.

प्रतिरोध-विधुत धारा के प्रवाह में उत्पन्न विरोध को प्रतिरोध कहते है।इसे R से प्रदर्शित करते हैं।


 



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