साकारात्मक विचार

१-जो झुक सकता है वो पुरी दुनिया झुका सकता है।
२-मन अशांत है इसे वस में करना मुश्किल है पर इसे वैराग्य व निरन्तर अभ्यास से वस में किया जा सकता है।
३-आप अगर प्रशंशा के झूठ व आलोचना के सच जान सकते हो फिर आप अपने जीवन को कुछ बेहतर बना सकते हो।
४-जहा से हम हार मानकर लौट आते है वही से जीत का रास्ता प्रारम्भ होता है।
५-वही कीर्ति कविता व सम्पति उत्तम है जो गंगा के समान सबका हित करने वाली हो।
६-जो लोग आपके लिए गड्ढे खोदते है वही लोग आपको गड्ढे पार करना सिखाते है।
७-यदि सफलता एक फूल है तो विनम्रता उसकी सुगन्ध है।
८-खुद के अलावा किसी दूसरे की सरण में मत जावो-गौतम बुद्ध।


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