रामचरितमानस


रामचरितमानस भगवान राम के चरित्र को शब्दों में बांधने का एक प्रयास है। रामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित महाकाब्य है।मानस भारतिय संस्कृति का केवल दर्शन न होकर अपितु संपूर्ण मानवता के लिये एक उच्चादर्श है।मानस के लेखक के अनुसार वही कीर्ति कविता व सम्पति उत्तम है जो गंगा के समान सबका हित करने वाली हो।मानस भक्ति की गंगा है।मानस का एकाग्र अध्ययन ईस्वर स्तुति का एकमात्र स्रोत है।इसके अनुसार दया धर्म का मूल है और पाप का मूल अभिमान है।

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