भारतीय संविधान का विकास

 भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुवा।राष्ट्रीय आंदोलन का मुख्य योगदान संवैधानिक सुधारों सम्बधी प्रस्ताव पास करने से कहीं बढ़कर ठोस राजनीतिक अमल में रहा।संविधान का मूलाधार जनतंत्र की भावना थी।जनता में इस भावना का संचार राष्ट्रीय आंदोलन ने ही किया।इसका प्रतिबिम्ब ब्यापक जन भागीदारी में मिलता है।स्वराज ब्रिटिश पार्लियामेंट द्वारा मुप्त भेट मे नही मिलने वाला था।यह भारत द्वारा एक आत्म घोषणा थी।

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