उपनिषदो की याद रखने योग्य बातें


मैं उन महान आत्माओ को जानता हूं जो अँधेर से परे सूरज के तरह दीप्तिमान हैं।केवल अपने आप को जानने से ही कोई ब्यक्ति मृत्यु के परे जा सकता है।

 जो यह जान लेता है कि इश्वर सर्वशक्तिमान आत्मा, समस्त चराचर ब्रह्माण्ड का रचयिता है वह मृत्यु के परे जा सकता है।

ब्रह्म ही इस अस्तित्वमान जगत का अभिभावक व समस्त गूढ़ ब्रह्माण्ड का मालिक है।इस प्रकार उपनिषदो का प्रारम्भ ब्रह्मतत्त्व के प्रतिपादन से होता है।

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