कृत्रिम बुध्दिमता


मानव अब सोच विचार करने का काम भी कंप्यूटर से करना चाह रहा है।कृत्रिम बुध्दिमता के पिछे काफी रीसर्च हुए है।सामने दिखने वाले भौतिक तथ्यों से सीखना व एक तथ्य से दूसरे तथ्य की कल्पना करना कृत्रिम बुद्धिमता के अंतर्गत आता है।कृत्रिम बुद्धिमता एक ऐसा विषय है जिसके बारे में जितना रिसर्च हो कम है।इस क्षेत्र में रीसर्च कर नोबल पुरस्कार प्राप्त करने के अनंत सम्भावनाये है।कृत्रिम बुद्धिमता धारी रोबोट्स यदि मानव को अपना शत्रु समझने लगे तो ये मानव के लिए खतरा सिद्ध हो सकता है।रोबोट्स एक ऐसी मानवीय कल्पना है जो चरितार्थ हो रही है।रोबोट्स में यदि एक विचार को समझकर अन्य सिमिलर विचार सोचने की क्षमता विकसित भी की जाय तो भी ये मानव मस्तिष्क के तरह काम नही कर सकता उदाहरणतः जब ये खाना पकाते देखेगा तो यह खाने वाला हर चीज़ पकाएग। मानव को खाते देख यह भी खाना शुरू कर देगा।तथापि हो सकता है कि मानव भविष्य में एक पूर्ण यांत्रिक मानव बनाने मे सफल हो जाय।

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