अवचेतन मन

 मानव मस्तिष्क के दो भाग है-१-अवचेतन मन,२-चेतन मन।चेतन मन हमारे दैनिक क्रियाकलापों को सुबह से शाम तक करता है जबकि अवचेतन मन सोने के बाद स्वसन आदि कामो को करता है।आपको यूट्यूब पर अवचेतन मन के बारे में लाखों वीडिओज़ मिल जाएंगे।पर समझने वाली बात यह है कि आखिर अवचेतन मन इतना प्रसिद्ध क्यो है।दरसल में बात यह है कि अवचेतन मन चेतन मन से काफी शक्तिशाली है।चेतन मन की शक्तियो का परिसर काफी विशाल है।यह ब्रह्मांड की प्रोग्रामिंग बनाने में अपना योगदान देता है।गौतम बुद्ध ने एक गहरी बात कही है कि जो आप सोचते हो वो हो जाते हो अर्थात विचार ही वस्तु में चरितार्थ होता है।जिसको आप महसूस करते हो उसे आप अकर्षित करते हो।जिसकी आप कल्पना करते हो उसका आप निर्माण करते हो।अब जो भगवान बुद्ध के बात पर विस्वास ना करे उसे मूर्ख न कहे तो क्या कहे।मेरा प्रयोजन आपको काल्पनिक दुनिया मे ले जाने का नही था परन्तु यह साइंटिफिकली प्रूफ है कि हमारा मस्तिष्क जिसकी चाहे उसकी रचना कर सकता है।पर आप पुछोगे इसका उपयोग क्या है तो आप अपने अवचेतन मन की शक्तियों का यूज ईस प्रकार कर सकते हो कि आप अपने लक्ष्य को बार बार फील करो वो आपके प्रति अट्रैक्ट होगा।

मैं गूढ़ बातो को समझाने के लिये सरल शब्दों का ही प्रयोग करता हु।

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